
हिम्मत करने वालों की हार नही होती।
लेहरों से डर कर नौका पार नही होती
हिम्मत करने वालों की हार नही होती।....
नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है
छड़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास राहों में साहस बनता है
छड़ कर गिरना, गिर कर छड़ना ना अखारता है
आखिर उसकी मेहनत बेकार नही होती
कोशिश करने वालों की हार नही होती....
डुबकियाँ सिंदु में गोताखोर लगाता है
जा जा कर ख़ाली हाथ लौट आता है
मिलते ना सेहज ही मोती पानी में
बेहता दूना उत्साह इसी हेरानी में
मुट्ठि उसकी ख़ाली हर बार नही होती
हिम्मत करने वालों की हार नही होती ।....
असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो
क्या कमी रह गयी ,देखो और सुधार करो
जब तक ना सफल हो नींद चैन की त्यागो तुम
संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किए बिना हि जय ज़यकार नही होती
हिम्मत करने वालों की हार नही होती ।....
- सूर्यकांत त्रिपाठि 'निराला' (जनवरी 22, 1896-अक्तूबर 15, 1961)
I was recently watching 'Maine Gandhi Ko Nahin Mara' , a beautiful film in all respects.Was deeply touched by the poem the lead actor quotes.I think it's very relevant in this period of transformation and a fitting one as we move into the 60th year of Independance.The last para is the one I cherished the most.
P.S : I happened to attend a really nice function today and took the pic of the National Flag as it was unflurred.

2 comments:
Great picture dude! Sorry, much of the poem went over my head!
बहुत खूब, रंजीत
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